Chuka Beach चूका बीच

अक्सर जब भी हम उत्तर भारत वालों को बीच पर बैठे हुए सागर की ठंडी हवाओं का एहसास लेना होता है तो हम गोवा की फ्लाइट बुक करवा लेते हैं और ख़र्च कर डालते हैं भारी – भरकम रकम और लम्बी छुट्टियां। लेकिन क्या आप जानते हैं की एक समुंदर आपके बेहद नज़दीक भी है और उसे हम चूका बीच के नाम से जानते हैं। मेट्रो सिटी वालों के नज़रों से छुपा और उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में स्थित चूका बीच प्रकृति का एक शानदार नगीना है।

वनों से घिरा हुआ है चूका बीच

दिल्ली से मात्र 360 किलोमीटर की दूरी पर स्थित और नेपाल सीमा से लगा पीलीभीत टाइगर रिज़र्व किसी परिचय का मोहताज़ नहीं। बहुत से पर्यटक यहाँ समय बिताने आते हैं। जंगल के बीच बहुत से स्थानों ने पर्यटक स्थलों के रूप में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी है। जिले के पूरनपुर क्षेत्र में स्थित चूका बीच हर किसी को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करता है।

यह स्थान घने जंगलों और पहाड़ों से घिरा हुआ है और यहाँ से सूर्यास्त का दृश्य अद्भुत दिखता है। इको टूरिज्म स्थल होने के कारण यहाँ मासाहार, शराब, और पॉलीथिन ले जाना पूर्णतय प्रतिबंधित है।

Image source: Google Image

14 किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है यह क्षेत्र

यद्यपि चूका बीच की पहचान अभी तो कुछ ख़ास नहीं है, लेकिन इस बीच में एक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित होने की प्रबल संभावना है। चूका बीच वास्तव में शारदा नदी बैराज का एक जलाशय है। यह पीलीभीत जिले में शारदा सागर बांध और शारदा नहर के बीच, महोफ वन रेंज के अंतर्गत आता है। शारदा सागर जलाशय की लम्बाई 22 किलोमीटर और चौड़ाई 3 से 5 किलोमीटर है। इतना बड़ा जलाशय होने के कारण होने के कारण ही यह किसी समुंदर जैसी ही लगता है और इसका 14 किलोमीटर की दूरी में फैला किनारा किसी बीच जैसा।

नेपाल के नज़दीक होने के कारण यहाँ पहाड़ भी हैं। इसलिये यहाँ आप बीच के साथ – साथ पहाड़ों की हवा का आनंद भी ले सकते हैं। समुद्री लहरों की तरह चूका बीच पर आने वाली लहरों को देख कर आपको लगता ही नहीं की आप आप किसी समुद्री किनारे पर नहीं हैं।

चूका बीच के आसपास का क्षेत्र राज्य सरकार द्वारा संरक्षित है, और इसे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पिकनिक स्थल में बदल दिया गया है। इस जलाशय में कई तरह की मछलियां पाई जाती हैं। साथ ही वन क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के वृक्ष पाये जाते हैं। इसके अतिरिक्त अनेक प्रकार की जड़ी बूटियां और घास भी यहां देखी जा सकती हैं। प्राकृतिक संपदा से भरपूर होने के कारण यहां वन्य पशु-पक्षियों की भी बहुतायत है। यह स्थान टाइगर, लोमड़ी और सियार आदि के लिए प्रसिद्ध है

 

क्या है आस – पास ?

चूका बीच के आस – पास का क्षेत्र धार्मिक स्थलों और शांति के लिए जाना जाता है। घने जंगलों से होते हुए 2 किलोमीटर की यात्रा करके आप चूका बीच तक पहुँच सकते हैं। । सरकार द्वारा चलाई गई एक कैंटीन है, जहाँ आप आगंतुकों के लिए चाय और नाश्ता आदि उपलब्ध रहता है।

 

कैसे पहुंचे ?

नजदीकी रेलवे स्टेशन पीलीभीत जंक्शन रेलवे स्टेशन है जो चूका बीच से 63 किलोमीटर दूर है। यहां से टैक्सी के जरिए सड़क मार्ग से इको टूरिज्म स्पॉट तक पहुंचा जा सकता है। पीलीभीत तक बस द्वारा भी पहुंचा जा सकता है। दिल्ली के आनंद विहार ISBT से पीलीभीत के लिये बसें उपलब्ध हैं।

कहाँ ठहरें ?

पर्यटकों के लिए एक बांस की झोपड़ी, एक ट्री हाउस और चार थारू हट भी उपलब्ध हैं। इनकी बुकिंग ऑनलाइन की जा सकती है। इनके अतिरिक्त क्षेत्र में रेस्ट हाउस आदि भी उपलब्ध हैं। ध्यान दें की 15 अक्टूबर से 15 जून तक चूका बीच में हट्स की बुकिंग लगभग फुल रहती है। इसलिये यदि आपने ऑनलाइन बुकिंग नहीं करवाई है तो आपको यहाँ के मुस्तफाबाद क्षेत्र में स्थित चूका इको टूरिज्म सेंटर में बुकिंग करवाना आवश्यक है।

 

कब जायें ?

चूका बीच घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से जून तक है।

तो कब जा रहे हैं आप चूका बीच का आनंद लेने ?

0 0 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
2 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Ritesh
January 4, 2019 10:46 am

एक नई जगह से परिचय … जो शायद बहुत की कम लोगो की जानकारी में है … अच्छा किया आपने इस जगह के बारे में विस्तृत जानकारी दी ।

पूर्णागिरी माता मंदिर भी उधर ही पास में है .. जो इस जगह के साथ जोड़ सकते है

Bharat Taxi
January 3, 2020 9:40 am

बहुत अच्छा लेख !! यह बहुत अच्छा और जानकारीपूर्ण लेख है और यह बहुत अच्छी जानकारी थी जो मुझे वास्तव में पसंद आई|