Niti Valley

खूबसूरत घाटियां (Beautiful Indian Valleys)

भारत विभिन्नताओं से भरा हुआ देश है। देश के उत्तर में हिमआच्छादित शिखर हैं तो दक्षिण में सागर। पूर्व में कटक से लेकर पश्चिम में अटक तक प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर देश है भारत। अब जहाँ पहाड़ हैं, वहां घाटियां होंगी। घाटियां सुनते ही पहला चित्र जो में मन में आता है वह है ऊँचे – ऊँचे पहाड़ों से घिरा हुआ एक खूबसूरत क्षेत्र। जम्मू और कश्मीर राज्य की राजधानी श्री नगर भी एक घाटी क्षेत्र ही है। आइये, चलते हैं कुछ ऐसी ही प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर घाटियों की सैर पर।

1. नुब्रा घाटी, लद्दाक, जम्मू और कश्मीर (Nubra Valley, Ladakh, Jammu and Kashmir) 

Nubra Valley
नुब्रा घाटी, चित्र सौजन्य: http://www.eziitours.inf

जम्मू – कश्मीर राज्य के लद्दाख क्षेत्र में स्थित नुब्रा घाटी को लद्दाख क्षेत्र की सबसे बड़ी घाटी के रूप में जाना जाता है। सिंधु नदी की सहायक श्योक नदी नुब्रा नदी से मिल कर इस घाटी का निर्माण करती है। यहाँ पहुँचने के लिए आपको विश्व के सर्वाधिक ऊँचे सड़क मार्ग खारदुंग ला पास से होकर गुज़रना होगा। यही मार्ग इस यात्रा की खूबसूरती को और बढ़ा देता है। विभिन्न झीलों और सुन्दर मैदानों से परिपूर्ण इस घाटी में एक बार तो जाना बनता ही है।

 

2. किश्तवाड़ घाटी, किश्तवाड़, जम्मू और कश्मीर (Kishtwad Valley, Kishtwad, Jammu and Kashmir)

Kistwad Valley
किश्तवाड़ घाटी, चित्र सौजन्य: https://www.tourmyindia.com

जम्मू – कश्मीर राज्य के जम्मू क्षेत्र में स्थित किश्तवाड़ घाटी एक शांत घाटी है जो बाकि दुनिया से लगभग अछूती है। इस घाटी से होकर बहने वाली चेनाब नदी इसकी सुंदरता को और बढ़ा देती है। किश्तवाड़ – अनंतनाग राजमार्ग यहाँ स्थित सिंथन पास से होकर गुज़रता है। ऊँचे पहाड़, ग्लेशियर और नदीयां इस क्षेत्र की पहचान है। एक दौर में यह क्षेत्र आतंकवाद से भी पीड़ित रहा है।

 

3. श्योक घाटी, लद्दाख, जम्मू और कश्मीर (Shyok Valley, Ladakh, Jammu and Kashmir)

Shyok Valley
श्योक घाटी, चित्र सौजन्य: http://cdn.c.photoshelter.com

नुब्रा घाटी के पास स्थित श्योक एक नदी घाटी है। श्योक नदी रीमो ग्लेशियर से निकलती है। खारदुंग ला पास जो की विश्व का सर्वाधिक ऊँचा सड़क मार्ग है, श्योक का प्रवेश द्वार माना जाता है। श्योक नदी ही नुब्रा नदी से मिल कर नुब्रा घाटी का भी निर्माण करती है। श्योक को शोक की नदी भी माना जाता, शायद इसलिए की यहाँ पहुंचना एक मुश्किल भरा काम है और इसी प्रयास में कई लोग अपनी जान गवां चुके हैं। इतनी मुश्किलों के बाद भी घुमक्कड़ों का यहाँ के लिए हौसला कम नहीं होता।

 

4. जांस्कर घाटी, लद्दाख, जम्मू और कश्मीर (Janskar Valley, Ladakh, Jammu and Kashmir)

Janskar Valley
जांस्कर घाटी, चित्र सौजन्य: https://www.holidify.com

लद्दाख डिवीज़न के कारगिल जिले में स्थित जांस्कर घाटी एक बेहद खूबसूरत घाटी है। सिंधु नदी की सहायक जांस्कर नदी इस घाटी से हो कर बहती है। सर्दियों में नदी के पूर्ण रूप से जम जाने के कारण बहुत से ट्रैकर इस पर ट्रैक भी करते हैं। इस ट्रैक को चादर ट्रैक के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ पहुँचने के दो मार्ग है। पहला मार्ग लेह से होते हुए जाता है और दूसरा कारगिल से होते हुए। कारगिल वाला मार्ग सर्दियों में बंद रहता है। कारगिल से जांस्कर की दूरी लगभग 250 किलोमीटर है। अगर आप एक जमी हुई नदी पर चलने का अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं तो जांस्कर का चादर ट्रैक आप के लिए है।

 

5. काँगड़ा घाटी, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश (Kangra Valley, Kangra, Himachal Pradesh)

Kangra Valley
कांगड़ा घाटी, चित्र सौजन्य: https://www.holidify.com

धौलाधार पहाड़ियों से घिरी हुई काँगड़ा घाटी हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत घाटियों में से एक है। सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से समृद्ध कांगड़ा घाटी का इतिहास लगभग 3500 वर्ष पूर्व का है। इसका उल्लेख महाभारत और कल्हड़ की राजतरंगिणी में भी मिलता है। 180 वर्ग किलोमीटर में फैली महाराणा प्रताप झील कांगड़ा घाटी में स्थित है। इसके अतिरिक्त तीर्थ यात्रियों के लिए चामुंडा देवी मंदिर, व्रजेश्वरी देवी मंदिर और ज्वालामुखी देवी मंदिर दर्शनीय हैं। इतिहास से रूबरू होने की ख्वाहिश रखने वाले कांगड़ा फोर्ट, तारागढ़ पैलेस और सुजानपुर तीरा आदि जा सकते हैं।

 

6. किन्नौर घाटी, किन्नौर, हिमाचल प्रदेश (Kinnaur Valley, Kinnaur, Himachal Pradesh)

Kinnaur Valley
किन्नौर घाटी, चित्र सौजन्य: http://www.intowildhimalaya.com

समुद्रतल से 2320 मीटर की ऊंचाई से लेकर 6816 मीटर की ऊंचाई तक बसा किन्नौर देश के सबसे कम आबादी वाले जिलों में से एक है। प्रसिद्ध किन्नर कैलाश का तीर्थ यहाँ स्थित है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहाँ अक्टूबर से लेकर मई तक बर्फबारी होती है। इसलिए यहाँ आने से पहले गर्म कपड़ों का प्रबंध कर लें। प्राचीन भारत – तिब्बत मार्ग किन्नौर घाटी से होते हुए शिपकी ला दर्रे को पार तिब्बत में प्रवेश करता है।

7. पार्वती घाटी, भुंतर, हिमाचल प्रदेश (Parwati Valley, Bhuntar, Himachal Pradesh)

Parwati Valley
पार्वती घाटी, चित्र सौजन्य: http://www.greathimalayannationalpark.org

पार्वती और ब्यास नदी के संगम पर बसी पार्वती घाटी हिमाचल प्रदेश की महत्वपूर्ण घाटियों में से एक है। घाटी में विभिन्न प्रकार के नशीले पौधों जैसे चरस और गांजे की भरपूर उपलब्धता के कारण यह हिप्पियों और नशेड़ियों का तीर्थ भी बन चुका है। पार्वती घाटी में स्थित कसोल गाँव में विदेशी विशेषतः इस्राइली लोगों की बहुलता है जहाँ वे रेस्टोरेंट्स और लॉज आदि चलाते हैं। पार्वती घाटी में ही स्थित एक अन्य गाँव मलाणा अपने रहस्यों के लिए प्रसिद्ध है। मलाणा गाँव के लोग स्वयं को सिकंदर का वंशज बताते हैं। गाँव में विभिन्न प्रकार के नशे आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं।

 

8. सांगला घाटी, किन्नौर, हिमाचल प्रदेश (Sangla Valley, Kinnaur, Himachal Pradesh)

Sangla Valley
सांगला घाटी, चित्र सौजन्य: http://somendras.com/wp-content

किन्नौर जिले में स्थित सांगला घाटी अथवा बस्पा घाटी करचम से लेकर चिटकुल तक फैली हुई है। सांगला एक तिब्बती शब्द है जिसका अर्थ है एक ऐसा स्थान जहाँ हमेशा प्रकाश रहे। भारत – तिब्बत सीमा पर स्थित होने के कारण लगभग 25 वर्ष पहले तक यहाँ आने के लिए विशेष अनुमति लेनी पड़ती थी। वनों से घिरी हुई घाटी से विशाल हिमालय का सुन्दर दृश्य दिखाई देता है। बस्पा नदी इस घाटी से होकर बहती है। घाटी विभिन्न प्रकार के फलों के पेड़ और वनस्पतियों से समृद्ध है। सेब, अखरोट और बादाम आदि की खेती होती है यहाँ। शिमला से लगभग 8 घंटो की दूरी पर बसी सांगला घाटी में कैंपिंग, ट्रैकिंग और अन्य रोमांचक खेलों आदि का भी आयोजन होता है।

 

9. दारमा घाटी, पिथौरागढ़, उत्तराखंड (Darma Valley, Pithauragarh, Uttarakhand)

Darma Valley
दारमा घाटी, चित्र सौजन्य: http://static.panoramio.com

 

उत्तराखंड के कुमाउ मंडल में स्थित है दारमा घाटी। दारमा घाटी का निर्माण दारमा नदी और दारमागंगा नदियों ने मिल कर किया है। तीन ओर विशाल हिमालयी चोटियों पांचाचुल्ली, ओम पर्वत और युंगतांगतो से घिरे होने के कारण पर्यटकों और पर्वतारोहियों के लिए यह महत्वपूर्ण स्थलों में से एक है। घाटी में भोटिया और रंग समुदाय की बहुलता है। आदि कैलाश जाने वाले यात्री भी इस घाटी से होकर जाते हैं I

 

10. फूलों की घाटी, चमोली, उत्तराखंड (Valley of Flowers, Chamoli, Uttarakhand)

Valley of flowers
फूलों की घाटी, चित्र सौजन्य: http://www.trekkinginuttarakhand.com

उत्तराखंड के चोमली जिले स्थित फूलों के घाटी को राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा प्राप्त है। यह एशियाई भालू, हिम तेंदुए, भूरे भालुओं और पहाड़ी भेड़ों का प्राकृतिक आवास है। समुद्रतल से 3352 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह घाटी यूनेस्को के विश्व प्राकृतिक धरोहरों में से एक है। यहाँ पहुँचने के लिए यात्रिओं को ऋषिकेश – बद्रीनाथ राजमार्ग पर स्थित गोविंदघाट से पैदल यात्रा आरम्भ करनी होती है। विभिन्न प्रकार के फूलों आदि से भरपूर होने के कारण यह घाटी विश्व की सुन्दरतम घाटियों में से एक है।

11. नेलांग घाटी, उत्तरकाशी, उत्तराखंड (Nelang Valley, Uttarkashi, Uttarakhand)

Nelang Valley
नेलांग घाटी, चित्र सौजन्य: http://www.trodly.com

नेलांग घाटी को उत्तराखंड का लद्दाख कहा जाये तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। यहाँ पहुँचने के लिए उत्तरकाशी – गंगोत्री मार्ग पर स्थित भैरो घाटी से मार्ग मार्ग जाता है। वर्ष 1962 से पूर्व इस घाटी में भोटिया जनजाती के लोग रहते थे। यहाँ स्थित गर्तांग गली नामक मार्ग से होकर तिब्बती व्यापारी व्यापर करने आते थे। व्यापर मार्ग होने के कारण यहाँ को लोगों की आर्थिक स्थिती भी अच्छी थी। 1962 में हुए भारत – चीन युद्ध के कारण सामरिक रुप से महत्वपूर्ण इस घाटी से आवागमन को बंद कर दिया गया। वर्ष 2015 में इस मार्ग को फिर से खोला गया है। यहाँ आने वाले यात्रिओं को इनरलाइन परमिट की आवश्यकता होती है जो की उत्तरकाशी से प्राप्त किया जा सकता है।

12. अपर दिबांग घाटी, अरुणाचल प्रदेश (Upper Dibang Valley, Arunachal Pradesh) 

Upper Dibang Valley
अपर दिबांग घाटी, चित्र सौजन्य: https://sandrp.files.wordpress.com

अपर दिबांग घाटी अरुणाचल प्रदेश में एक जिला है। इस जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं है। जिले की सीमायें चीन और तिब्बत लगी हुई हैं। यह जिला विभिन्न जनजातियों के साथ भरपूर है। घाटी की खूबसूरती इसकी हरियाली में झलकती है। यहाँ फैली हरियाली और साल भर होने वाली बारिश आपका मन मोह लेगी। अगर आप उत्तर – पूर्व के भ्रमण पर हैं तो यहाँ एक बार तो आना ही चाहिए।

 

13. नीती घाटी, चमोली, उत्तराखंड (Niti Valley, Chamoli, Uttarakhand)

Niti Valley
नीती घाटी, चित्र सौजन्य: https://www.outlookindia.com

नीती घाटी जोशीमठ के समीप माना घाटी के पूर्व में स्थित है। नीती गाँव जो की समुद्रतल से 3,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, घाटी का सबसे महत्वपूर्ण गांव है। घाटी में भारी हिमपात होता है। गांव के उत्तर में नीती पास स्थित है जिसे दक्षिणी तिब्बत का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। घाटी में भारी हिमपात होता है। इस कारण यहाँ के निवासी नवम्बर से मार्च तक जोशीमठ के समीप स्थित अपने वैकल्पिक गाँवों में रहने के लिए चले जाते हैं।

 

14. युमथॉन्ग घाटी, उत्तर सिक्किम, सिक्किम (Yumthong Valley, North Sikkim, Sikkim)

Yumthong Valley
युमथॉन्ग घाटी, चित्र सौजन्य: https://www.northeasttoday.in

समुद्रतल से 11800 फीट की ऊंचाई पर स्थित युमथॉन्ग घाटी को ‘फूलों की घाटी’ के रूप में भी जाना जाता है। गंगटोक से 148 किलोमीटर दूर स्थित यह घाटी यह प्रकृति प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग है जिसमें खूबसूरत वनस्पतियां और हिम आच्छादित हिमालयी चोटियां है। यहाँ स्थित शिंग्बा रोडोडेंड्रॉन अभयारण्य में रोडोडेंडन फूलों की 24 प्रजातियां हैं, जो अप्रैल से मई के अंत तक फूलती हैं। युमथॉन्ग नदी के दाईं ओर स्थित गर्म पानी का झरना एक लोकप्रिय आकर्षण है।

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