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Trekking in Bengal Himalaya

पूर्वी हिमालय और बंगाल की खाड़ी के बीच बसा पश्चिम बंगाल West Bengal प्राकृतिक सुंदरता का भण्डार है। यह भारत में एकमात्र राज्य है जहाँ एक छोर पर हिमालय के दर्शन हो जाते हैं तो दूसरे छोर सागर का किनारा मिल जाता है। यहाँ शहर भी है और गांव भी। ऐसा भी कह सकते हैं यह राज्य भौगोलिक रूप से मिनी इंडिया है। यहां विभिन्न प्रकार के वन्यजीव, बर्फ से ढके पहाड़, घने और हरे-भरे जंगलों के साथ ही भीड़ भरे शहरों से लेकर ऐतिहासिक गांवों और कस्बों तक सब कुछ है लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्रकृति प्रेमियों के साथ – साथ ट्रैकर्स के लिए भी पश्चिम बंगाल में बहुत कुछ है। यहां की कई पहाड़ियां जहां नए ट्रैकर्स के लिए मुफीद हैं तो कुछ पहाड़ियां अनुभवी ट्रैकर्स को भी करती चैलेंज हैं…

ट्रैकिंग के शौकीनो के लिए संदकफू ट्रेक जहां बेहद खूबसूरत और मजेदार है, वहीं पहली बार ट्रैकिंग का अनुभव लेने वाले ट्रैकर्स के लिए भी पश्चिम बंगाल में बहुत कुछ है। आइए, जानते हैं यहां की सुंदर वादियों और घूमने लायक स्थानों के बारे में।

Sandakphu Trek (संदकफू ट्रेक, दार्जिलिंग)

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Sandakphu Image source: Google Image

पश्चिम बंगाल की सबसे ऊंची चोटी है संदकफू। यह नेपाल की सीमा के समीप है और सिंगालीला रेंज की सबसे ऊंची चोटी है। दार्जिलिंग जिले में स्थित संदकफू ट्रेक सिंगालीला नेशनल पार्क के बहुत करीब स्थित है। पश्चिम बंगाल की सबसे ऊंची चोटी संदकफू पर पहुंचकर आप दुनिया की पांच सबसे ऊंची चोटियों में से चार का शानदार नजारा देख सकते हैं। इस ट्रैक से कंचनजंघा पर्वत का शानदार दृश्य दिखता है। आप कार से या ट्रैकिंग करते हुए इस चोटी के शिखर तक पहुंच सकते हैं। मणिबंजन से शुरू होने वाले इस पर्वत का मार्ग 51 किमी लंबा और बेहद खूबसूरत है।

यहां हिमालयन कोबरा लिली की बहुतायत के कारण संदकफू को “जहरीले पौधों के पहाड़” के रूप में भी जाना जाता है। चूंकि यह एक कठिन ट्रैक है इसलिए यहां जाने से पहले अपनी फिटनेस का पूरा ध्यान रखें। शिखर तक पहुंचने से पहले ट्रेक कई अलग-अलग इलाकों से होकर गुजरता है, जिनमें चुनौतीपूर्ण घाटियां, बुरांश, मैगनोलियास के साथ – साथ हरे-भरे मैदान हैं।

Trekking in Rajabhatkhawa (राजभक्तव में ट्रेकिंग)

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पश्चिम बंगाल के बक्सा में एक बहुत मजेदार ट्रैकिंग रूट राजभक्तव में है। बक्सा से जयंती रिवरबेड तक 15 किमी का ट्रैक बहुत लोकप्रिय है और यहां आने वाले ट्रैकर्स को लुभाता है। यह ट्रैक आपको बक्सा के खूबसूरत घने जंगलों से लेकर जयंती तक ले जाएगा। जहां आप जयंती नदी के किनारे बैठकर भूटान हिमालय को देख सकते हैं। ढलते हुए सूरज के साथ इन पहाड़ियों की सुंदरता और भी अधिक होती जाती है।

Buxa Tiger Reserve (बक्सा टाइगर रिजर्व)

Buxa tiger reserve
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बक्सा टाइगर रिजर्व, राजभक्तवा, पश्चिम बंगाल के पूर्वोत्तर में स्थित है। बक्सा टाइगर रिजर्व लगभग 759 वर्ग किलोमीटर में फैला है। इस बाघ अभयारण्य ट्रैक को कई नदियों और उनकी सहायक नदियों को पा करते हुए किया जाता है और यह एक बेहद रोमांचक सैर होती है। वास्तव में यह चट्टानी इलाका इतना दुर्गम है कि इस रेंज के अधिकारी भी आज तक सभी रास्तों के बारे में पूरी तरह से नहीं जान पाए हैं। यही कारण है कि इस रेंज में बहुत कुछ एकदम अनछुआ और दुर्लभ है।

Buxa Fort (बक्सा फोर्ट)

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यह किला किसी समय में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण किला था, जो सिन्चुला रेंज में 867 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसका इस्तेमाल हमारे देश में स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्ष के दौरान गृह बंदियों के लिए किया गया था। हालांकि यह किला अब उतना भव्य नहीं रहा है लेकिन इसका इतिहास और आस-पास का क्षेत्र इसे दूसरे किलों से अलग बनाता है। इस बाघ अभयारण्य के बारे में एक और दिलचस्प तथ्य यह है कि यह भारत और भूटान के बीच हाथियों के प्रवास के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गलियारे के रूप में कार्य करता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भूटान का फिप्सु वन्यजीव अभयारण्य बक्सा टाइगर रिजर्व के उत्तरी भाग से जुड़ा है। भारत के प्रसिद्ध बाघ अभ्यारण्यों में इसका नाम शुमार है।

Bamonpokhri Jungle Trek (बामनपोखरी जंगल ट्रेक)

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सिलीगुड़ी से लगभग 30 किमी दूर गरिधुरा से शुरू होने वाला यह ट्रेक बामनपोखरी के घने वन अभ्यारण्य से होकर निकलता है, जिसके ठीक बगल में रुंगसुंग नदी बहती है। यह अपेक्षाकृत छोटा ट्रेक है। यदि आप पहली बार ट्रेकिंग का अनुभव लेने जा रहे हैं तो यह ट्रेक आपके लिए एकदम परफेक्ट है। इस रास्ते में आपको खूबसूरत चाय बागान और विभिन्न प्रकार के और दुर्लभ पक्षियों के दर्शन होते रहेंगे।

Phalut Trek (फालुत ट्रेक)

Phalut Trek
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फालुत ट्रेक एक 21 किमी लंबी पगडंडी है, जो संदकफू से शुरू होती है और फालुत पर समाप्त होती है। नए ट्रेकर्स के लिए इस क्षेत्र को पार करना सरल है। क्योंकि जिस ऊंचाई से इस ट्रेकिंग रूट की शुरुआत होती है, लगभग उसी ऊंचाई पर यह खत्म भी होती है। पाइंस, स्प्रेज़, ओक, चेस्टनट, मैगनोलिया और बुरांश की झाड़ियों के साथ इस ट्रेक पर सघन वन के बीच से जाना होता है। इस दौरान सैलानी रोमांच से भर उठते हैं। यहां ट्रेकिंग करते हुए सैलानियों को माउंट एवरेस्ट की याद आती है। सामान्यतौर पर इसे पूरा करने में करीब 6 दिन लग जाते हैं।

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