यात्री नामा

National Zoological Park Delhi राष्ट्रीय प्राणी उद्यान दिल्ली

National Zoological Park या राष्ट्रीय प्राणी उद्यान या कहें दिल्ली चिड़ियाघर, दिल्ली में विभिन्न प्रकार के जानवर देखने का यह एक प्रसिद्द स्थान है। सभी उम्र वर्ग, विशेषकर बच्चों के बीच तो इसका विशेष आकर्षण है। मेरा बेटा भी अक्सर टीवी पर शेर, हाथी, भालू आदि देख प्रसन्न हो जाता है, लेकिन टीवी तो टीवी ही है। 24 इंच की स्क्रींन में आप कितना देख सकते हैं ? इसलिये पिछले दिनों परिवार के साथ चल पड़ा चिड़ियाघर की सैर पर। यहाँ जो अनुभव मिला वह अतुलनीय है।

सफ़ेद टाइगर

आप भी जानिये राष्ट्रीय प्राणी उद्यान के बारे में

1959 में राष्ट्रीय प्राणी उद्यान की स्थापना दिल्ली में पुराने किले के समीप हुई और अब यह बच्चों और बड़ों के लिये पसंदीदा वीकेंड डेस्टिनेशन बन चुका है। यहाँ आप लगभग सभी प्रकार के पशु – पक्षी जैसे की शेर, तेंदुआ, हाथी, भालू, जंगली भैसा, दरियाई घोड़ा, मोर, अफ्रीकी तोते, ईमू इत्यादि देख सकते हैं।

पहले इसे दिल्ली चिड़ियाघर के रूप में जाना जाता था। वर्ष 1982 एशियाई खेलों के समय इसे देश के मॉडल चिड़ियाघर बनाने के विचार के साथ राष्ट्रीय प्राणी उद्यान का नाम दिया गया था। जूलॉजिकल पार्क में पक्षी और जानवर एक ऐसे वातावरण में रहते हैं जो कई मायनों में उनके प्राकृतिक आवास से मिलता-जुलता है। चिड़ियाघर न केवल लुप्तप्राय प्रजातियों के लिए प्राकृतिक आवास प्रदान करता है, बल्कि उन्हें प्रजनन करने में भी मदद करता है। यहाँ एशियाई शेर, रॉयल बंगाल टाइगर, ब्रो एंटेलर डीयर, हिरण, भारतीय गैंडे आदि के लिये के लिए विभिन्न प्रकार के संरक्षण और प्रजनन कार्यक्रम भी चलाये जाते हैं।

मार्गदर्शक

जैसे ही आप राष्ट्रिय प्राणी उद्यान में प्रवेश करते हैं बहुत से आकर्षक जीव आपका अपने तरीके से स्वागत करते हैं। यहाँ पाई जाने वाली जंगली प्रजातियों में दरियाई घोडा, चिंपांज़ी, बंदर, शेर पूँछ बंदर, एशियाई शेर, रॉयल बंगाल टाइगर, ब्रो एंटीलर्ड डियर, स्वैम्प डियर, भारतीय गैंडे, भालू और ज़ेब्रा सबसे अधिक लोकप्रिय हैं। चिड़ियाघर के दूसरे खंड में, मोर पक्षी और सारस जैसे प्रवासी पक्षी रहते हैं। चिड़ियाघर के केंद्र में एक भूमिगत सरीसृप घर है जिसमें विभिन्न प्रकार के सांप, छिपकली, कछुए और अजगर हैं।

वर्ष 2008 तक यहाँ 1347 जानवर और 127 प्रजातियां थीं और अब बढ़ती जा रही हैं। राष्ट्रीय प्राणी उद्यान को बहुत अच्छी तरह से व्यवस्थित किया गया है और बड़ी संख्या में सैलानी यहाँ प्रतिदिन । आगंतुकों के लिये बैटरी चालित वाहन और कैंटीन की सुविधा यहाँ उपलब्ध है। वैसे तो यहाँ बैटरी चलित वाहन उपलब्ध हैं लेकिन आनंद तो पैदल सैर में ही आता है।

कैसे पहुंचे ?

नज़दीकी मेट्रो स्टेशन : प्रगति मैदान मेट्रो स्टेशन: 2 किलोमीटर

राष्ट्रीय प्राणी उद्यान की ओर जाने वाली बसें :

894-A : नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से होली फैमिली ओखला
445 : नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से ग्रेटर कैलाश
374 : नंद नगरी से नेहरू प्लेस
402 : पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से ओखला
403 : पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से गांव
405 : ISBT से बदरपुर बॉर्डर
419 : पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से अम्बेडकर नगर
423 : मोरी गेट से अम्बेडकर नगर
425 : ISBT से कालका जी
429 : ISBT से अम्बेडकर नगर
438 : पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से जैतपुर
966 : नांगलोई से निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन
इनके अतिरिक्त आप डीटीसी की होहो पर्यटक बस सेवा से भी यहाँ पहुँच सकते हैं।

नज़दीकी स्थलों से दुरी

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन : 6 KM
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन : 11 KM
ISBT कश्मीरी गेट : 12 KM
सराय काले खान बस अड्डा : 5 KM
लाल किला : 10 KM
इंडिया गेट : 2 KM

टिकट मूल्य

व्यस्क : 40 रुपये
बच्चे (3 फ़ीट से नीचे) : निःशुल्क
बच्चे (3 फ़ीट से 5 फ़ीट के बीच) : 20 रुपये
वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष और उससे ऊपर) : 20 रुपये

विद्यालयों, कॉलेज, विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों से आने वाले एजुकेशनल टूर के लिए शुल्क

विद्यार्थी (पहली से पांचवीं कक्षा) : निःशुल्क
(छठी से आठवीं कक्षा) : 10 रुपये प्रति विद्यार्थी
(नवीं और उससे ऊपर) : 20 रुपये प्रति विद्यार्थी
साथ आने वाला स्टाफ : 20 रुपये प्रति व्यक्ति

राष्ट्रिय प्राणी उद्यान की सैर में 2 से 3 घंटे लगते हैं।

खुलने का समय (1 अप्रैल से 15 अक्टूबर) : सुबह 9 से शाम 4:30 बजे तक।
खुलने का समय (16 अक्टूबर से 31 मार्च) : सुबह 9:30 से शाम 4 बजे तक।
प्रत्येक शुक्रवार और राष्ट्रीय अवकाश पर यह बंद रहता है।

बैटरी चलित वाहन के शुल्क और फोटोग्राफी शुल्क से सम्बंधित जानकारी आप यहाँ क्लिक करके प्राप्त कर सकते हैं।

राष्ट्रीय प्राणी उद्यान की सम्पूर्ण जानकारी आप यहाँ क्लिक करके प्राप्त कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण सूचना : राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में स्वच्छता का ध्यान रखें और गंदगी न फैलायें।