Benefits Of Travelling Solo and precautions during travelling alone

यात्राऐं करना हम सभी के लिए बहुत अच्छा है क्योंकि यात्रा ही वह साधन है जो हमारी सोच का दायरा बढ़ाता है और इसी से हमे पता चलता है की एक ही जगह पर टिके रहने से कहीं अच्छा है नए आयामों को तलाशना। अकेले यात्रा करना तो और भी अच्छा है…. वैसे भी जमाना ‘आत्मनिर्भर’ बनने का है। यदि आपने आज तक कभी भी अकेले सफ़र नहीं किया है तो हम आपको बताने जा रहे हैं की क्यों आपको लाइफ में कम से कम एक बार तो अकेले सफ़र पर निकलना ही चाहिये।

आप खुद को बेहतर जान पायेंगे

जब एक बार अकेले सफ़र पर निकल पड़ते हैं तो आपको ऐसी भी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है जब आपको तुरंत निर्णय लेने पड़ते हैं, आपको डर भी लगता है लेकिन चूँकि आप अकेले हैं तो जो करना है आपको ही करना है। ऐसे में आप जान पाते हैं की आप में कितनी क्षमता है और यही क्षमता आपको आपके डर पर जीत हासिल करवाती है। यात्राओं के दौरान आपको ऐसे भी अनुभवों का सामना करना पड़ता है जिनके बारे में आपने आज तक सोचा भी नहीं था। ऐसे अनुभवों के दौरान ही आप अपने अंदर के उस बच्चे को जान पाते हैं जो हमेशा यात्राओं पर जाना चाहता था, नयी – नयी जगहों को तलाशना चाहता था, नए – नए लोगों से मिलना चाहता था लेकिन डरता था अपने खुद के बनाये एक अनजाने डर से।

आप आपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकल पायेंगे

अज्ञात स्थानों और गंतव्यों का सफ़र करने के दौरान उत्पन्न हुई चुनौतियाँ ही आपको सिखायेंगी की कि आप मुश्किल समय में खुद पर कैसे भरोसा करें। कम्फर्ट जोन से बाहर निकलने पर जब मुसीबतों से आपका सामना होगा उस दौरान ही आपके धैर्य की परीक्षा होगी। ऐसे खूबसूरत अनुभव प्रैक्टिकल कर के ही हासिल किये जा सकते हैं, घर पर बैठे – बैठे यूट्यूब वीडियो देख कर नहीं।

पहाड़ों पर घंटो पैदल चलना और इस दौरान ऐसे लोगों से मिलना जिनका रहन – सहन, परंपरा, खान – पान आपसे बिल्कुल भिन्न है और कई बार तो आप उनकी भाषा तक नहीं समझ पाते…. यह सब अनुभव केवल ऐसे स्थानों पर जाकर ही प्राप्त किये जा सकते हैं। यह अनुभव आपको जीवन में आगे भी काम आएंगे… व्यक्तिगत विकास में ऐसी यात्राओं का अनुभव अतुलनीय होता है।

सस्ता भी है

जब आप सोलो ट्रेवल पर होते हैं तो बजट को बनाये रखना बहुत आसान होता है क्योंकी आपको क्या खाना है, क्या देखना है और कहाँ रुकना है इसका फैसला आप स्वयं करते हैं… आप पर दिखावे का बोझ नहीं होता। आम तौर पर दोस्तों और अन्य समूहों के साथ यात्रा के दौरान ध्यान रखना पड़ता है की बाकी क्या खायेंगे, कहाँ ठहरेंगे और यदि बाकी साथी बहुत खर्चीले टाइप के हैं तो आपके बजट का भी पूरी तरह बिगड़ना निश्चित होता है लेकिन अकेले सफ़र में तो आप अपनी मर्ज़ी के मालिक होते हैं।

नए लोगों से दोस्ती होती है

एकल यात्रा के स्थानीय लोगों से बातचीत करना और उनसे दोस्ती करना बहुत आसान हो जाता है। सच तो यह है ऐसी यात्राओं के दौरान जितना आप एक्ससाइटेड होते हैं उससे कहीं ज्यादा स्थानीय लोग इस बात में रुचि रखते हैं की आप को उनका क्षेत्र पसंद आया या नहीं और कहीं आपको उनकी कोई जरुरत तो नहीं। यदि आपको कोई भी सहायता चाहिए होती है तो अक्सर ही स्थानीय लोग मदद को तैयार रहते हैं।

कहाँ जाना है, कौन से रास्ते से जाना है और कैसे जाना है ? इसके मालिक आप होते हैं

अकेले सफ़र के दौरान आपको आज़ादी होती है की आपको कहाँ जाना है, कैसे जाना है और कौन से रास्ते से जाना है। यात्रा की योजना बनाने में आसानी होती है। रास्ते में भी कुछ पसंद आया तो आप जाकर देख सकते हैं, योजनाओं में मनमाना बदलाव कर सकते हैं जबकी समूह के साथ यात्रा के दौरान आपको बहुत से समझौते करने पड़ते हैं… फिर चाहे वो आपको पसंद हो या न हो। सोलो ट्रेवल में यात्रा की योजना बनाते समय आप अपने फायदे और नुकसान को ध्यान में रख सकते हैं लेकिन समूह में की गयी यात्रा में कई बार ऐसा नहीं होता।

आप खुद पर भरोसा करना सीखेंगे

देश के अलग – अलग क्षेत्रो में की गयी यात्रा और विशेषकर जब आप विदेश यात्रा आपको कठिन परिस्थितियों में खुद पर भरोसा करने का महत्व सिखायेंगी।
आपके जीवन में आप से महत्वपूर्ण आपके लिए और कोई नहीं, इसलिए आप अपने दिल और दिमाग पर भरोसा करना सीखें, निर्णय लें और अपनी पसंद के अनुसार जियें। इससे आपको जीवन में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। जब आपको जीवन में महत्वपूर्ण कदम उठाने होते हैं तब यात्राओं के दौरान प्राप्त किये गए अनुभव ही आप को अनुभव करवाएंगे की यह आप ही हैं जो खुद की मदद कर सकते हैं और जीवन में आगे आपके रास्ते क्या होंगे यह भी आप ही तय करेंगे।

आप अकेले भी आनंदपूर्वक जीना सीख जायेंगे

अक्सर हम सोचते रहते हैं की कोई साथ चले तो जाऊं…. अकेले कैसे जाऊं ? अकेले तो बोर हो जाऊंगा…. यार अकेले तो…
अरे एक बार आप अकेले रास्तों पर निकल कर तो देखिये…. शुरुआत में तो अजीब लगेगा लेकिन कुछ ही घंटो बाद आपको सफ़र का आनंद आने लग जायेगा। इंग्लिश में कहें तो – ‘You will start enjoying your own company’. आप अपनी क्षमताओं को तभी पहचान पायेंगे जब आप कोशिश करोगे…. एक बार सफ़र पर निकल कर को देखिये सारा डर और बोरियत निकल जायेगी।

ऐसा करना आपके लिये अच्छा है

इस बात को तो हम सभी स्वीकार करते हैं यात्राऐं हमें खुश और उत्साहित करती है। यह तनाव को कम कर करती हैं, शरीर और दिमाग को शांत करती हैं। सबसे बड़ी बात तो यह की आप जान पाते हैं की यह दुनिया कितनी खूबसूरत है।

आप में से बहुत से ऐसे होंगे जो आज तक अकेले सफ़र पर नहीं गये होंगे या फिर कुछ नयी जगहों को तलाशना चाहते होंगे। आपकी सहायता के लिये ही नीचे दो लिंक दिये गये हैं।
फर्स्ट टाइम बैकपैकर्स के लिये भारत में सर्वश्रेष्ठ यात्रायें (Best trips in India for first time backpackers)
फर्स्ट टाइम बैकपैकर्स के लिये भारत में सर्वश्रेष्ठ यात्रायें भाग 2 (Best trips in India for first time backpackers)

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अब जान लेते हैं के एकल घुमक्कड़ (Solo Traveler) को वो कौन – कौन सी तैयारियां करनी चाहिये जिससे की यात्रा सुगम हो सके।

  1. सोलो घुमक्कड़ी 2 प्रकार की होती है । पहली तो ये की आप पहले से ही निश्चित कर लेते हैं कि आपको जाना कहां है? दूसरी टाइप वाली में आप केवल इतना जानते हैं कि आपको जाना है लेकिन कहाँ, यह नही निश्चित नही । इसलिये आप अपना कार्यक्रम इस प्रकार बनाये की जितने दिन की छुट्टियां आपको मिली है उसमें से एक दिन अतिरिक्त बच जाये । यह एक्स्ट्रा दिन आपको किसी भी समस्या से निपटने में सहायक होगा।
  2. कपड़ो का उचित प्रबंध हो लेकिन बैग अधिक भारी न करें… ढोना आपको ही है । आवश्यक दवाइयां जरूर रखें ।
  3. प्लास्टिक मनी और ऑनलाइन पेमेंट के भरोसे अधिक न रहें, कैश रखें ।
  4. याद रखें कि आप अकेले सफ़र कर रहे हैं इसलिये समय-समय पर अपनी स्थिती की जानकारी घर वालों को देते रहें ।
  5. आप अकेले हैं, इसलिये सफ़र के दौरान स्वयं के बॉस भी हैं । अपना भौगोलिक ज्ञान थोड़ा दुरुस्त रखें । इसका फायदा यह होगा कि आपकी घुमक्कड़ी एक निश्चित दायरे में नही बंधी रहेगी, आप सफ़र के दौरान अन्य स्थान भी घूम सकते हैं ।
  6. जहाँ जा रहे हैं वहां की स्थानीय संस्कृति को सीखने और समझने का प्रयास करें। किसी भी स्थानीय मान्यता और राजनीतिक मुद्दों को लेकर वहां के लोगों से बहस में न उलझें । सबसे बड़ी बात तो स्थानीय परम्पराओं और संस्कृति का सम्मान करें।
  7. मोबाइल में बैलेंस पर्याप्त रखें । हर जगह इंटरनेट नही चलता की ऑनलाइन रिचार्ज हो पायेगा । पॉवर बैंक, छतरी और टॉर्च भी रखें ।
  8. सफ़र पर निकलने से पहले अपने किसी खास को अपना बैंक एकाउंट नंबर आदि देकर जाये जिससे कि मुसीबत की स्थिती में वो आपको पैसे भेज सके ।
  9. जहाँ तक हो सके सार्वजनिक परिवहन जैसे कि बस और शेयर्ड टैक्सी आदि का इस्तेमाल करें ।
  10. आवश्यक फ़ोन नंबर डायरी में लिख के रखें और फ़ोटो पहचान पत्र ले जाना न भूलें ।
  11. महिलायें किसी भी सुनसान और पहले से ही खतरों के लिये बदनाम स्थानों पर जाने का रिस्क न लें और थोड़े से भी खतरे की स्थिती में तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क करें । कोशिश करें कि उसी टैक्सी या बस में सफर करें जिसमे कम से कम एक महिला सवारी अवश्य हो ।
  12. नशा कम करें और जब भी करें अपने कमरे में करें ।
  13. Covid-19 अथार्त कोरोना वायरस की परिस्थितयों को देखते हुए सामाजिक दूरी, स्वच्छता, मास्क आदि का विशेष ध्यान रखें और फ़ोन में आरोग्य सेतु एप अवश्य डाउनलोड कर लें।
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