Acute Mountain Sickness या AMS

Acute Mountain Sickness (AMS) या उच्च पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली शारीरिक समस्या वह समस्या है जो उच्च पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले ज़्यादातर यात्रियों को होती ही है। इसका अनुभव अक्सर तब होता है जब आप 8000 फ़ीट से ऊपर के क्षेत्रों में जाते हैं और यह किसी को भी हो सकती है चाहे वह किसी भी उम्र का हो। चाहे आप शारीरिक रूप से फिट हैं तब भी आपको यह समस्या हो सकती है।

वैसे तो AMS अपने आप में तो कोई बहुत ख़तरनाक समस्या नहीं है किंतु इसकी अनदेखी करना कभी – कभी जानलेवा भी हो सकता है। जैसे ही इसके लक्षण दिखायी दें शीघ्र उपचार करें।

AMS का सबसे ख़तरनाक स्तर High Altitude Cerebral Edema (HACE) और High Altitude Pulmonary Edema (HAPE) के रूप में परिलक्षित होता है। यदि समय पर उपचार न किया जाये तो मरीज की मृत्यु तक भी हो सकती है लेकिन यदि आप सावधानी बरतते हैं तो यह या तो आयेगी ही नहीं और यदि आयी भी तो शीघ्र ही समाप्त भी हो जायेगी और आप अपने सफ़र का आनन्द ले पायेंगे।

Acute Mountain Sickness (AMS) के लक्षण

सिर चकराना
भूख में कमी
सांस आने में समस्या
नींद न आना
उलटी या मितली
थकान और कमजोरी
नब्ज़ का तेज़ चलना
हाथ, पैर और चेहरे में सूजन

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AMS से बचाव के उपाय

1. Acclimatization (क्षेत्र के अनुसार शरीर को अनुकूल बनाना)

जैसे ही हम उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में जाते हैं हमें सांस लेने में समस्या आने लगती है जिसके कारण शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। पहाड़ों में लंबी सैर के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन लेना आवश्यक है। इसलिये ट्रेक आरम्भ करने से पहले बेस कैंप वाले स्थान पर एक – दो दिन समय बितायें और कुछ किलोमीटर पैदल चलें, व्यायाम आदि करें। ऐसा करना बहुत महत्त्वपूर्ण है।

2. खूब पानी पियें

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आपके शरीर से पानी बहुत तेज़ी से समाप्त होता है। इसलिये शरीर में पानी की कमी न होने दें। अपने साथ एक पानी की बोतल अवश्य रखें और बार – बार, थोड़ा – थोड़ा पानी पीते रहें, चाहे आपको प्यास लगे या न लगे। इससे आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होती। आप पानी के अलावा कोई स्पोर्ट्स एनर्जी ड्रिंक या ग्लूकोस आदि भी रख सकते हैं।

3. कैफीन और अल्कोहल के न लें

अक्सर हिमालयी क्षेत्रों (नेपाल, लद्दाख आदि) में शेरपा लोगों गांवों में स्थानीय लोग घर – घर बियर आदि बनाते हैं और वह बहुत अच्छी लगती है। हो सकता है की यह बियर या रम आदि आपको कुछ समय के लिये सर्दी से राहत दे दे लेकिन इनसे दूर रहना ही बेहतर है। केवल रम, बियर आदि ही नहीं सिगरेट से भी दूर रहें। ऐसा इसलिये की यह शरीर में पानी को तेज़ी से सोखता है। इसलिये इन सबसे दूर रहें।

4. धीरे चलें, क्योकि रेस कछुए ने ही जीती थी

जब आप ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पैदल यात्रायें कर रहे हों तो अपने शरीर की क्षमता अनुसार ही चलें। साथी ट्रेकरों के देखा – देखी रेस न लगायें। धीरे – धीरे चलने से आपको सांस लेने में कम समस्या होगी, थकान कम होगी और आप लम्बी यात्रा भी कर पायेंगे।

5. अपने पेट को खुश रखें

ट्रैकिंग के वक़्त आपके शरीर को अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है इसलिये आप अपने खाने में कमी न करें। कोशिश करें के आपके आहार में कम से कम 70% कैलोरी और उच्च कार्बोहाइड्रेट हो। यह आपको ट्रैकिंग में निरंतर ऊर्जा प्रदान करता रहता है।

6. दवा (जितना हो सके कम इस्तेमाल करें)

AMS की रोकथाम के लिये Acetazolamide जैसी दवाओं का सेवन आप कर सकते हैं। चढ़ाई शुरू करने से दो दिन पहले दिन में दो बार Acetazolamide का सेवन करना ठीक रहता है लेकिन, दवायें विभिन्न साइड इफेक्ट्स भी दिखा सकती हैं। इसलिये बेहतर है की एक बार डॉक्टर से परामर्श कर लें तो बेहतर है।

7 लहसुन और लौंग

लहसुन और लौंग रक्त को पतला करके रक्त प्रवाह बढ़ाते है, आपके शरीर को गर्म रखते है और आपके पाचन को मजबूत रखते है। इससे आप को सांस लेने में भी कम समस्या होती है।

8. शीघ्र ही नीचे आ जायें

जैसे ही आपको AMS के लक्षण नज़र आयें आप शीघ्र ही कम ऊंचाई वाले क्षेत्र में आ जायें, अपने शरीर से ज़बरदस्ती न करें।

आखिर में हम इतना ही कहेंगे की बचाव की उपचार है।

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