Lohaghat Image Source: Google Image

लोहाघाट Lohaghat

उत्तराखण्ड का ‘असली हीरा’ लोहाघाट (Lohaghat), जिसकी खूबसूरती से अंग्रेज भी रह गए हैरान। कहते हैं कि प्रकृति को करीब से देखना हो और उसकी गोद में रहने का सच्चा आनंद पाना हो, तो उत्तराखण्ड एकदम परफेक्ट है। उत्तराखण्ड राज्य टूरिस्टों के बीच बेहद लोकप्रिय है, लेकिन जब बात घूमने की आती है तो पर्यटकों के दिमाग में भी केवल चकराता, नैनीताल, देहरादून, चोपता, ऑली, फूलों की घाटी आदि जगहें ही आती हैं, जबकि उत्तराखण्ड में कई ऐसी गुप्त जगहें हैं, जो अभी भी पर्यटकों से अछूती सी ही हैं।

अथार्त अन्य जगहों के मुकाबले इन गुप्त जगहों की तरफ कम ही पर्यटक जाते हैं जबकि ये स्थान हैं बड़े खूबसूरत। इनकी खूबसूरती और यहां के पर्यटन स्थलों के बारे में जान कोई भी हैरान रह जाएगा। उत्तराखण्ड में ऐसा ही एक स्थान है लोहाघाट (Lohaghat in Uttarakhand)।

आदि कैलाश यात्रा गाइड

स्वर्ग है लोहाघाट (Lohaghat)

लोहाघाट भले ही एक पॉप्युलर डेस्टिनेशन न हो, लेकिन आप यहां के लिए अपनी अगली यात्रा की योजना बना सकते हैं। विश्वास कीजिये कि एक बार आप यहां गए तो यहां की हर चीज हमेशा के लिए आपको दिलो-दिमाग में बस जाएगी। लोहाघाट के सौंदर्य का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक बार नैनीताल के खोजकर्ता और चीनी व्यापारी पी बैरोन जब यहां आए थे तो उन्होंने कहा था, ‘कश्मीर क्यों जाया जाए अगर इस दुनिया में कहीं स्वर्ग है तो वह यहां लोहाघाट में है। (Why go to Kashmir, if there is heaven in the world, so its in Lohaghat.)

ऐतिहासिक और धार्मिक मान्यताएं बनाती हैं प्रसिद्ध

लोहाघाट उत्तराखण्ड के चंपावत जिले में लोहावती नदी के किनारे स्थित है और यह मंदिरों के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। इस जगह से जुड़ी कुछ धार्मिक और ऐतिहासिक मान्यताएं भी हैं जो इसे पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनाती हैं। खास बात यह है कि लोहाघाट के आसपास कई पॉप्युलर टूरिस्ट स्पॉट्स हैं, जैसे कि श्यामला ताल, देवीधुरा, गुरुद्वारा रीठा साहिब (Gurudwara Reetha Sahib), एबॉट माउंट (Abott Mount in Lohaghat), बाणासुर का किला, मायावती (अद्वैत) आश्रम और फोर्ट विलेज।

दिल्ली से लेह का सफर बस द्वारा मात्र 1500 रुपयों में

 

लोहाघाट के प्रमुख आकर्षण (Places to visit in Lohaghat)

अद्वैत आश्रम

Advaita Ashram Image Source: Google Image
Advaita Ashram Image Source: Google Image

यहां के मुख्य आकर्षणों में से एक है अद्वैत आश्रम, जोकि मायावती में स्थित है। यह रामकृष्ठ मठ की एक शाखा है, जोकि देवदार, बुरांश, चीड़ और बांज के खूबसूरत पेड़ों से घिरी है और यहां आने वाले लोगों को असीम आनंद और सुंदरता के दर्शन कराती है। इस आश्रम की स्थापना स्वामी विवेकानंद की प्रेरणा से उनके शिष्य स्वामी स्वरूपानंद और एक अंग्रेज़ी शिष्य ने 1899 में की थी। इस आश्रम में स्वामी विवेकानंद भी कुछ दिन ठहरे थे।

बाणासुर का किला (Banasur Fort in Lohaghat)

Banasur Fort Image Source: Google Image
Banasur Fort Image Source: Google Image

लोहाघाट का एक आकर्षण यह भी है। बाणासुर का किला यहां से लगभग 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। माना जाता है कि यह वही जगह है जहां भगवान श्रीकृष्ण ने बाणासुर नाम के राक्षस का वध किया था। इस किले की एक तरफ हिमालय की ऊंची-ऊंची चोटियां दिखती हैं तो दूसरी तरफ अद्वैत आश्रम और अन्य पर्यटन स्थल।

भारत की खतरनाक सड़कों का सफ़र

एबॉट माउंट (Abbott Mount in Lohaghat)

Lohaghat Image Source: Google Image
Lohaghat Image Source: Google Image

इस स्थान की खोज स्वतंत्रता से पूर्व जॉन एबॉट नाम के एक अंग्रेज ने की थी और इसीलिए इस जगह का नाम एबॉट माउंट पड़ा। 7 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थिक एबॉट माउंट से आप हिमालय की बर्फ से ढकी श्रृंखलाओं का आनंददायक दृश्य देख सकते हैं। यहां लगभग 13 कॉटेज हैं, जिनमें रहने का रोमांच अलग ही होता है।

श्यामला ताल (Shyamla Tal in Lohaghat)

Shyamla Tal Image Source: Google Image
Shyamla Tal Image Source: Google Image

1500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, श्यामला ताल एक खूबसूरत झील है। झील के साथ-साथ स्वामी विवेकानंद आश्रम भी यहाँ स्थित है, जो की इस स्थान का मुख्य आकर्षण है। यहाँ आप ध्यान लगा सकते हैं। श्याम ताल या श्यामला ताल का नाम इसलिए रखा गया है क्योंकि झील में आकाश का प्रतिबिम्ब किसी दर्पण की भांति ही बनता है। झील के किनारे बैठना और विशाल हिमालय की चोटियों की ओर देखना मन को बहुत सुकून देता हैं।

 

कैसे पहुंचें लोहाघाट ? (How to reach Lohaghat)

हवाई यात्रा के माध्यम से: लोहाघाट का सबसे निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर में है जोकि शहर से 182 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। लोहाघाट जाने के लिए पंतनगर से कैब या फिर टैक्सी किराए पर ली जा सकती है।

गोवर्धन परिक्रमा

सड़क मार्ग के माध्यम से: यदि आप सड़क मार्ग के ज़रिए जाने की योजना बना रहे हैं तो आपको अधिक समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा क्योंकि लोहाघाट अन्य जगहों से सड़कों के माध्यम से जुड़ा हुआ है। यहां के लिए दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे से भी बसें जाती हैं जोकि आपको या तो लोहाघाट या फिर टनकपुर उतारेंगी। आप चाहें तो दिल्ली से अल्मोड़ा बस द्वारा पहुँच कर वहां से शेयर्ड टैक्सी भी ले सकते हैं।

रेल मार्ग के माध्यम से: लोहाघाट का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन टनकपुर है, जो कि लोहाघाट से 87 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां पहुंचकर आप अपने गंतव्य के लिए टैक्सी बुक कर सकते हैं।

Cottage on Abbott Mount Image Source: Google Image
Cottage on Abbott Mount Image Source: Google Image

लोहाघाट जाने के लिए सही समय (Best time to visit Lohaghat)

बात करें लोहाघाट जाने के लिए उचित समय की, तो यहां सालभर ही खुशनुमा मौसम रहता है और आप किसी भी महीने जा सकते हैं, लेकिन लेकिन मानसून में यहाँ की सुंदरता देखते ही बनती है और सर्दियों का तो कहना ही क्या। बात करें सर्दियों की, तो लोहाघाट में सर्दियां अक्टूबर से आरम्भ होकर मार्च के अंत तक रहती हैं। इस दौरान यहां का तापमान 2 डिग्री से 10 डिग्री सेल्सियस तक रहता है।

चार धाम यात्रा गाइड

 

लोहाघाट में रुकने के ठिकाने (Stay in Lohaghat)

लोहाघाट में रुकने के ठिकानो की कोई समस्या नहीं है। बहुत से छोटे होटल, गेस्ट हाउस और होम स्टे यहाँ आपको मिल जायेंगे।

तो आइए, स्वागत है आपका लोहाघाट में।

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of