Badami cave

रोमांच से भर देंगी बादामी की गुफायें Caves of Badami

यदि आपको भव्यता आकर्षित करती हैं कुछ समय अवश्य बितायें कर्नाटक की बादामी गुफाओं (Caves of Badami) में। इन गुफाओं का संबंध पांचवीं शताब्दी से है। ये गुफाएं प्राकृतिक नहीं हैं अपितु इनका निर्माण विशाल पहाड़ों को काटकर किया गया है। उस काल में इतनी अडवांस टेक्नॉलजी की कल्पना और भव्य गुफाओं का दृश्य पर्यटकों को रोमांच से भर देता है।

कर्नाटक राज्य के बगलकोट जिले में स्थित है बादामी कस्बा (Badami)। बादामी में स्थित हैं दुनियाभर में प्रसिद्ध गुफाएं। यहां इन गुफाओं के अलावा और भी कई भव्य ऐतिहासिक स्थल स्थित हैं, जो अब दुनियाभर के पर्यटकों को आकर्पित करनेवाले टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन चुके हैं। यदि आप आप हिल स्टेशनंस और किलों-महलों से अलग कुछ देखना चाहते हैं तो कर्नाटक के बगलकोट आएं। यहां आपको सदियों पुरानी इमारतें, गुफाएं, मंदिर और महल के साथ ही प्रकृति के हसीन नजारे देखने को मिलेंगे।

Badami caves Image source: Google Image
Badami caves Image source: Google Image

बादामी गुफा मंदिर भारत के कर्नाटक के उत्तरी भाग में बगलकोट जिले के एक शहर बादामी में स्थित चार हिंदू गुफा मंदिरों का एक परिसर है। गुफाओं को भारतीय रॉक-कट वास्तुकला का उदाहरण माना जाता है, विशेष रूप से बादामी चालुक्य वास्तुकला, जो 6 वीं शताब्दी से है। बादामी को पहले वातापी बादामी के नाम से जाना जाता था, जो शुरुआती चालुक्य वंश की राजधानी थी, और इस वंश ने छठी से आठवीं शताब्दी तक कर्नाटक पर काफी शासन किया था। बादामी एक मानव निर्मित झील के पश्चिमी तट पर स्थित है, जो पत्थर की सीढ़ियों के साथ मिट्टी की दीवार से घिरा है।

बादामी गुफा मंदिर, दक्कन क्षेत्र में हिंदू मंदिरों के कुछ शुरुआती ज्ञात उदाहरणों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने ऐहोल में मंदिरों के साथ-साथ मालप्रभा नदी घाटी को मंदिर वास्तुकला के एक खजाने में बदल दिया, और इसने भारत के अन्य हिंदू मंदिरों के घटकों को प्रभावित किया।

शहर के दक्षिण-पूर्व में बलुआ पत्थर से निर्मित गुफाओं की संख्या 1 से 4 तक है। गुफा संख्या 1 में, हिंदू देवी-देवताओं और विषयों की विभिन्न मूर्तियों के बीच, नटराज के रूप में तांडव-नृत्य करने वाले शिव की नक्काशी है। गुफा संख्या 2 ज्यादातर गुफा संख्या 1 जैसी ही है और इसमें विष्णु प्रतिमा सबसे बड़ी है। सबसे बड़ी गुफा तीसरे नंबर की है, जिसमें विष्णु से संबंधित पौराणिक कथाएं हैं, और यह परिसर में सबसे जटिल नक्काशीदार गुफा भी है। गुफा 4 जैन धर्म के प्रतिष्ठित लोगों को समर्पित है। झील के चारों ओर बादामी में अतिरिक्त गुफाएँ भी हैं जिनमें से एक बौद्ध गुफा हो सकती है। एक अन्य गुफा की खोज 2015 में हुई थी।

Malaprabha River Badami Image source: Google Image
Malaprabha River Badami Image source: Google Image

यहां मालाप्रभा नदी बहती है और इसी नदी के समीप ही स्थित है, भगवान शिव को समर्पित भूतनाथ मंदिर। बादामी में पांचवीं से सातवीं शताब्दी के बीच निर्मित एक भव्य किला भी स्थित है। इस किले को बादामी किले के नाम से जाना जाता है। इस किले में दीवारों और छतों की नक्काशी और जालियां देखकर आप भी अपने पूर्वजों के हुनर पर फख्र किए बिना नहीं रह पाएंगे। इन ऐतिहासिक धरोहरों में आपको द्रविड़ स्थापत्य शैली का प्रभाव देखने को मिलेगा।

कैसे पहुंचे बादामी ? (How to reach Badami)

कर्नाटक स्थित बादामी तक आप रेल, हवाई और सड़क मार्ग द्वारा जा सकते हैं। यदि आप कम समय के कारण फ्लाइट से बादामी जाना चाहते हैं तो इसके लिए निकटतम हवाई अड्डा हुबली है। हुबली से बादामी के लिए आपको करीब 1-6 किलोमीटर का सफर तय करना होगा।

रेल मार्ग से आप बादामी जाना चाहते हैं तो आपको देश के किसी भी बड़े शहर से यहां के लिए कनेक्टिविटी मिल जाएगी। बादामी का अपना रेलवे स्टेशन है। हालांकि इसका निकटम रेलवे जंक्शन हुबली है। कर्नाटक के सभी बड़े शहरों से आप सड़क मार्ग द्वारा भी बादामी के लिए सुरक्षित यात्रा कर सकते हैं।

कहाँ ठहरे ? (Stay in Badami)

बादामी में रुकने के ठिकानों की कमी नहीं है। यहाँ आपको छोटे – बड़े होटल और गेस्ट हाउस आसानी से मिल जायेंगे।

Cave of Badami Image source: Google Image
Cave of Badami Image source: Google Image

तो आइये बादामी, स्वागत है आपका।

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