Gurudwara Sri Mattan Sahib

गुरुद्वारा श्री मट्टन साहिब Gurudwara Shri Mattan Sahib

गुरुद्वारा श्री मट्टन साहिब (Mattan Sahib Gurudwara), बहुत से लोगों ने इसी गुरूद्वारे का नाम पहली बार सुना होगा। जम्मू – कश्मीर (Jammu and Kashmir) के अनंतनाग जिले (Anantnag) में स्थित है सिखों का पावन तीर्थ गुरुद्वारा श्री मट्टन साहिब। पहले यह स्थान गुरु नानक देव जी के थड़े के रूप में प्रसिद्ध था। कालांतर में यहां गुरुद्वारे का निर्माण कराया गया और दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शनों के लिए आने लगे। इस स्थान पर श्री गुरु नानक देव जी ने भक्तों को प्रवचन दिया था। मट्टन साहिब गुरुद्वारे के दर्शनों के लिए आने वाले लोग न केवल भक्तिभाव से परिपूर्ण हो जाते हैं बल्कि यहां की प्राकृतिक सुंदरता भी उन्हें लुभाती है। आइये जानते हैं गुरुद्वारा श्री मट्टन साहिब का महत्व।

कश्मीर की खूबसूरत वादियों में स्थित गुरुद्वारा मट्टन साहिब, प्राकृतिक रूप से परिपूर्ण होने के साथ ही ऐतिहासिक महत्व रखने वाला ऐसा स्थान हैं, जहां पर सिख धर्म के पहले गुरु साहिब श्री गुरु नानक देव जी ने एक विद्वान पंडित के अहंकार को तोड़ा था। संसार को सही राह दिखाने के लिए गुरु नानक देव जी ने संसार भ्रमण किया गया। अपनी तीसरी यात्रा के दौरान गुरु साहिब यहां पर प्राकृतिक छटा को अद्भुत रूप देते पानी के चश्मे के पास रुके थे। वर्ष 1517 में यहाँ आये गुरु साहिब ने इस स्थान पर गुरमत और सिक्खी का प्रचार किया और गुरबाणी का उच्चारण व गायन भी किया। इस स्थान को मट्टन के नाम से जाना जाता है। मट्टन से 12 किलोमीटर दूर बिजवाड़ा कस्बे में पंडित ब्रह्म दास नाम के विद्वान पंडित रहते थे। जब उन्हें पता चला कि कोई संत/फकीर मटन आकर लोगों को धर्म का उपदेश दे रहा है तो उनसे रहा न गया।

Anantnag Railway Image source Google Image

भारत की खतरनाक सड़कों का सफ़र (Trip on dangerous roads of India)

पंडित ब्रह्म दास भी उसी स्थान पर अपने द्वारा पढ़ी गई संस्कृत की तमाम किताबों को लादकर पहुंच गए। बताया जाता है कि पंडित जी को यह लगता था कि उनसे बड़ा विद्वान कोई नहीं है। इसलिए लोगों को अपना ज्ञान दिखाने के लिए वह अक्सर अपने पढ़ें सभी ग्रंथ साथ लेकर घूमते थे। साथ ही उनसे संवाद करने की चुनौती देते थे। पंडित जी ने गुरु साहिब को भी धर्म चर्चा और संवाद करने की चुनौती दी। तब गुरु साहिब ने समझाया कि पंडित जी आप ज्यादा ज्ञान ग्रहण करने के बाद अपनी इन्द्रियों को काबू में नहीं रख पा रहे। जिस वजह से आपमें ज्ञान का अहंकार पैदा हो गया है।

पाक अधिकृत कश्मीर के खूबसूरत स्थान (Beautiful places in POK)

गुरु साहिब ने इसी स्थान पर गुरबाणी का उच्चारण किया। जो कि गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र पेज (अंग) 467 पर सलोक महला 1 के शीर्षक पर अंकित है। गुरु साहिब कहते हैं ‘पडि पडि गडी लदी अहि’…..। जिसका अर्थ है कि अगर कोई इतनी पोथी पढ़ ले, जिससे कई गाड़ी भर जाएं, ढेर लग जाए, पढ़ने में ही महीने, साल, उम्र व सांस निकल जाए पर उसको परमात्मा की असल बात समझ न आए तो कोई फायदा नहीं। गुरु साहिब की इन बातों ने पंडित ब्रह्म दास का भ्रम तोड़ दिया।

Gurudwara Sri Mattan Sahib Image Source Google Image
Gurudwara Sri Mattan Sahib Image Source Google Image

जिस स्थान पर बैठकर गुरु साहिब ने उपदेश दिया था, बाद में इसी स्थान पर थड़ा गुरु नानक देव जी के नाम से गुरुद्वारा स्थापित हुआ। अब इस स्थान पर गुरुद्वारा साहिब के साथ मंदिर भी स्थापित है। वर्ष 1766 में काउंसिल ऑफ अफगान रीजन के सदस्य गुरमुख सिंह के प्रभाव के कारण कश्मीर के गवर्नर नूर-ओ-दीन खान बमजी ने मटन साहिब के गुरुद्वारे की इमारत का निर्माण करवाया था।

कैसे पहुंचे गुरुद्वारा मट्टन साहिब ? How to reach Gurudwara Mattan Sahib ?

श्रीनगर जाने के लिए देश के कई शहरों से हवाई सेवा उपलब्ध है। आप दिल्ली से भी फ्लाइट लेकर श्रीनगर पहुंच सकते हैं। यदि आप रेल के द्वारा श्रीनगर जाना चाहते हैं तो आप नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से उधमपुर तक रेल में बुकिंग करवा सकते हैं और आगे अनंतनाग तक का सफर बस द्वारा तय कर सकते हैं। श्रीनगर के लिये दिल्ली और जम्मू से भी बस उपलब्ध हैं।

एक और खूबसूरत और सस्ता तरीका है अनंतनाग पहुँचने का। आप दिल्ली से उधमपुर तक ट्रेन द्वारा पहुँच सकते हैं और वहां से लोकल ट्रेन द्वारा बनिहाल। बनिहाल (Banihal Railway Station) से हीलर शाहाबाद (Hiller Shahabad Railway Station) की दूरी 31 किलोमीटर है जिसे सड़क मार्ग द्वारा तय किया जा सकता है। बसें उपलब्ध है। हीलर शाहाबाद रेलवे स्टेशन से अनंतनाग तक रेल द्वारा पहुंचा जा सकता है। यह थोड़ा थकाऊ तरीका अवश्य है लेकिन प्राकृतिक सुंदरता का जो रूप रेल द्वारा तय करने में दिखेगा वह अतुलनीय होगा, और फिर सस्ता तो है ही।

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of