Jatayu sculpture Image source: Quilon Toursim

कोल्लम की पहाड़ियों पर है जटायु अर्थ सेंटर Jatayu Earth Center on Kollam Hills

जटायु याद है? वही पक्षीराज जटायु जिन्होंने माता सीता को रावण की कैद से छुड़ाने की जंग में अपने प्राण त्याग दिये। पूरी दुनिया में रामायण से जुड़े विभिन्न पात्रों जैसे की श्री राम, उनकी पत्नी सीता, हनुमान, लक्ष्मण, भरत आदि को सम्मान देने के लिये देवालयों की स्थापना की गयी लेकिन हममे से अधिकतर लोग उन पक्षीराज जटायु को शायद भूल से गये जिन्होंने माता सीता की एक पुकार पर उन्हें छुड़ाने के लिये रावण से युद्ध किया और लड़ते हुए अपने प्राण त्याग दिये।

सोचिए यदि किसी ऐसे स्थान पर जाने का मौका मिले, जो आपको न केवल रामायण से जोड़ता हो अपितु सम्‍मान का भी एहसास कराता हो। हम आपको एक ऐसे स्थान के बारे में बताने जा रहे हैं जो केरल के बेहद खूबसूरत कोल्लम की वादियों में बसा है। यहाँ पर स्थापित है विश्व की सबसे बड़ी पक्षी प्रतिमा अथार्त पक्षीराज जटायु की प्रतिमा। साथ ही इससे जुड़ी और भी कुछ बातें हैं, जिन्‍हें जानने के बाद आपका मन केरल के कोल्‍लम जाने के लिए अधीर हो उठेगा।

10 वर्षों में बन कर तैयार हुआ है जटायु अर्थ सेंटर अथवा जटायु नेचर पार्क

यहाँ बात हो रही है कोल्‍लम के जटायु नेचर पार्क की। इस पार्क को बनाने में 10 वर्ष का लंबा समय लगा था। इसमें स्‍थापित की गई जटायु प्रतिमा की चौड़ाई 150 फीट, ऊंचाई 70 फीट, और लंबाई 200 फीट है। यह पार्क कुल 65 एकड़ में फैला है।

कोल्लम से 28 किमी दूर बने इस पार्क पर केरल सरकार ने 100 करोड़ रुपए खर्च किए हैं और पर्यटकों को कला, इतिहास, संस्कृति, तकनीक, प्राकृतिक संपन्नता और रोमांच का अनुभव देने की कोशिश की है। जटायु प्रतिमा के अतिरिक्त यहां राम मंदिर, आयुर्वेद केव रिजॉर्ट, एक डिजिटल म्युज़ियम, 6D थियेटर, आर्चरी, लेज़र टैग, राइफल शूटिंग रेंज, रॉक क्लाइम्बिंग, रैपलिंग के अलावा और भी बहुत कुछ है। गेम ज़ोन है और साथ ही केबल कार है। यह केबल कार पूरे पार्क और आसपास का विहंगम दृश्य दिखाएगी।

चोपता की वादियां

रामायण के आधार पर हुआ है जटायु नेचर पार्क का निर्माण

Jatayu Nature Park Image source: Kerla Toursim
Jatayu Nature Park Image source: Kerla Toursim

जटायु नेचर पार्क को बनाने के पीछे इसका पौराणिक महत्‍व बताया जाता है। जब रावण माता सीता का अपहरण करके उन्हें लंका ले जा रहा था तो माता सीता ने सभी जीवों से और प्रकृति से मदद की गुहार लगायी। जब जटायु ने यह देखा तो उन्होंने रावण को चेतावनी दी की माता को छोड़ दे अन्यथा युद्ध के लिये तैयार रहे, रावण ने उन्हें अनदेखा कर दिया। जटायु पूरी शक्ति से रावण पर टूट पड़े और भयंकर लड़ाई लड़ी लेकिन रावण ने उनका पंख काट दिया और धरती गिर पड़े।

जब श्री राम वहां पहुंचे तो जटायु ने सारी बात कह डाली। जटायु की अंतिम सांसें चल रही थी, श्री राम ने उससे कहा कि जटायु तुम्हें पता था कि तुम रावण से युद्ध कदापि नहीं जीत सकते तो तुमने उसे ललकारा क्यों?

तब जटायु ने जवाब दिया था, ‘मुझे पता था कि मैं रावण से युद्ध में नहीं जीत सकता लेकिन यदि मैंने उस वक्त रावण से युद्ध नहीं किया होता तो भारतवर्ष की अनेक पीढ़ियां मुझे कायर कहती। अरे, एक भारतीय नारी का अपहरण मेरी आंखों के सामने हो रहा है और मैं कायरों की भांति बिल में पड़ा रहूं इससे तो मौत ही अच्छी है। मैं अपने सर पर कायरता का कलंक लेकर जीना नहीं चाहता था इसलिए मैंने रावण से युद्ध किया।’

उन्हीं जटायु की पवित्र स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए ‘जटायु नेचर पार्क’ ठीक उसी जगह पर बनाया गया है जहां जटायु रावण से लड़ते हुए गिरे थे। जिस तरह से मां सीता को बचाने के लिए रावण से युद्ध करते समय जटायु का एक पंख कट गया था उसी तरह इस प्रतिमा का भी एक पंख नहीं बनाया गया है। जटायु नेचर पार्क की खूबसूरती वहां से दिखने वाले नजारों की वजह से और भी बढ़ जाती है। पार्क की ऊंचाई से पश्चिमी घाट की वादियां साफ नजर आती हैं।

जटायु नेचर पार्क सड़क मार्ग से 400 फीट ऊपर बना है। इसे बनाने में इंजीनियरों के अलावा महिलाओं ने भी मदद की है। इस पार्क को बनाने के अलावा यहां पर महिलाओं का यहां के काम में भी महत्‍वूपर्ण योगदान है। इसलिये पार्क को महिला सम्‍मान और महिला सुरक्षा को समर्पित किया गया है। यही वजह है कि यहां काम करने वाले कर्मचारियों में अधिकतर संख्‍या महिलाओं की ही है।

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जटायु नेचर पार्क में शुल्क और बुकिंग

जटायु स्कल्पचर और केबल कार, एडवेंचर सेंटर, और हेलीकाप्टर राइड का शुल्क टाइम स्लॉट के आधार पर बदलता रहता है। आप शुल्क से जुडी जानकारी और बुकिंग के लिए http://www.jatayuearthscenter.com/ पर विज़िट कर सकते हैं और enquiry@jatayuearthscenter.com पर ईमेल भेज सकते हैं।

कैसे पहुंचे जटायु नेचर पार्क अथार्त जटायु अर्थ सेंटर?

बस द्वारा

नज़दीकी बस स्टैंड चदयामंगलम है। इसलिये आपको जटायु नेचर पार्क पहुँचने के लिये पहले चदयामंगलम पहुंचना होगा। केरल राज्य सड़क परिवहन निगम की बस सेवायें चदयामंगलम के लिये उपलब्ध हैं।

नज़दीकी बस स्टेशन

कोल्लम KSRTC बस स्टेशन: 40.4 किलोमीटर
वर्कला: 30 किलोमीटर

नज़दीकी रेलवे स्टेशन्स

पुनालुर रेलवे स्टेशन: 25 किलोमीटर
परवूर रेलवे स्टेशन: 27.5 किमी
कोल्लम जंक्शन रेलवे स्टेशन: 38.7 किमी
कोटरकारा रेलवे स्टेशन: 23.1 किमी
वर्कला रेलवे स्टेशन: 30 किलोमीटर

इन सभी रेलवे स्टेशनों के लिये मुंबई, दिल्ली, कोलकाता जैसे बड़े शहरों से रेलें उपलब्ध हैं।

नज़दीकी हवाई अड्डा तिरुअनंतपुरम में है जो की यहाँ से 70 किलोमीटर दूर स्थित है।

यदि आप केरल की यात्रा पर हैं एक तो एक बार जटायु नेचर पार्क की सैर पर अवश्य जायें।

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